मैसाचुसेट्स में लिंडसे क्लैंसी मामले में जूरी सदस्यों में मतभेद सामने आया है। ग्यारह जूरी सदस्यों ने क्लैंसी को पागलपन के कारण निर्दोष पाया, लेकिन एक सदस्य ने उसे बरी करने से इनकार कर दिया। इस असहमति के कारण मामले में अनिर्णायक फैसला आया है। क्लैंसी पर अपने बच्चों की हत्या का आरोप था, और बचाव पक्ष ने तर्क दिया था कि वह प्रसवोत्तर डिप्रेशन से पीड़ित थी। जूरी के सदस्यों ने इस फैसले के बाद अपनी चिंता व्यक्त की है, क्योंकि सभी सदस्य एकमत नहीं हो पाए। अब आगे की कार्रवाई के लिए अदालत विचार करेगी। इस मामले ने मानसिक स्वास्थ्य और आपराधिक न्याय प्रणाली से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल खड़े कर दिए हैं।