न्यायाधीश कलामा ने पूर्व प्रधानमंत्री ज़पाटेरो से लगभग तीन घंटे तक पूछताछ की। पूछताछ के दौरान, न्यायाधीश कलामा ने ज़पाटेरो से कई बार उन्हें बीच में न रोकने का अनुरोध किया। यह पूछताछ एक महत्वपूर्ण मामले से जुड़ी है, हालांकि मामले की विशिष्ट प्रकृति स्पष्ट नहीं है। न्यायाधीश कलामा ने ज़पाटेरो के हस्तक्षेप पर अपनी निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि वह "कोई अभेद्य माता नहीं, बल्कि एक जांच न्यायाधीश" हैं। इस बयान से पूछताछ के दौरान तनाव का संकेत मिलता है। यह घटना न्यायिक प्रक्रिया में सम्मान और सहयोग के महत्व को रेखांकित करती है। पूछताछ की विस्तृत जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।