विज्ञापन नियामक बोर्ड (Advertising Regulatory Board) ने जेटौर साउथ अफ्रीका के डैशिंग वाहन के टेलीविजन विज्ञापन को लेकर फैसला सुनाया है। बोर्ड का मानना है कि विज्ञापन में आवश्यक वित्तीय जानकारी को जानबूझकर छुपाया गया था, जिससे उपभोक्ताओं को गुमराह किया गया। यह विज्ञापन उपभोक्ताओं को वाहन खरीदने के लिए प्रेरित कर रहा था, लेकिन ऋण संबंधी महत्वपूर्ण विवरणों का उल्लेख नहीं किया गया था। नियामक बोर्ड ने जेटौर पर यह आरोप लगाया है कि विज्ञापन भ्रामक था और उपभोक्ताओं के हितों के खिलाफ था। इस फैसले के बाद जेटौर को विज्ञापन में सुधार करने या उसे हटाने के लिए कहा गया है। कंपनी इस फैसले पर प्रतिक्रिया देने के लिए तैयार है। यह मामला विज्ञापन में पारदर्शिता और उपभोक्ताओं के अधिकारों के महत्व को दर्शाता है।