जापान ने 1978 के बाद पहली बार वीजा शुल्क में पांच गुना वृद्धि की घोषणा की है, जो 1 जुलाई से लागू होगी। इस फैसले से चीनी पर्यटकों पर सबसे अधिक आर्थिक प्रभाव पड़ने की संभावना है। एकल प्रवेश वीजा शुल्क 3,000 येन से बढ़कर 15,000 येन और बहु-प्रवेश वीजा शुल्क 6,000 येन से बढ़कर 30,000 येन हो जाएगा। विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम बीजिंग और टोक्यो के बीच पहले से ही तनावपूर्ण संबंधों को और बिगाड़ सकता है। जापान सरकार ने शुल्क वृद्धि का कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया है, लेकिन यह चीन के साथ राजनयिक संबंधों में मौजूदा अनिश्चितता के बीच आया है। इस वृद्धि से जापानी पर्यटन उद्योग पर भी असर पड़ सकता है, जो चीनी पर्यटकों पर काफी निर्भर है। माना जा रहा है कि यह शुल्क वृद्धि पारस्परिक वीजा नीतियों के जवाब में उठाया गया कदम हो सकता है।
