जापान में, हिरोमु साकाहारा नाम के एक व्यक्ति को हत्या के आरोप में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। हाल ही में उनकी मृत्यु के बाद, उनके मामले की पुन: जांच शुरू की गई है। संदेह है कि साकाहारा 27 वर्षों तक गलत तरीके से जेल में रहे होंगे, और वे निर्दोष थे। यह मामला जापानी न्याय प्रणाली में संभावित खामियों पर प्रकाश डालता है। जांचकर्ता अब नए सिरे से सबूतों का मूल्यांकन कर रहे हैं ताकि यह निर्धारित किया जा सके कि क्या साकाहारा को गलत तरीके से दोषी ठहराया गया था। इस पुन: जांच से पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद है। यह घटना जापान में आपराधिक न्याय सुधार की बहस को भी जन्म दे सकती है।