तुर्की में एक पर्वतारोही और सरकार के आलोचक नसूह महरुकी को 2016 के तख्तापलट के बारे में एक सोशल मीडिया पोस्ट के कारण 4.5 साल तक की जेल की मांग की जा रही है। उन पर अधिकारियों पर आरोप लगाने की बात कही गई है कि उन्होंने जानबूझकर तख्तापलट की साजिश को आगे बढ़ने दिया और फिर उसका इस्तेमाल तुर्की की सरकार प्रणाली को बदलने के लिए किया। इस्तांबुल के बकिरकोय मुख्य सार्वजनिक अभियोजन कार्यालय ने उनके खिलाफ आरोप लगाए हैं। महरुकी पहले से ही जेल में हैं और उनकी पोस्ट को सरकार विरोधी माना जा रहा है। अभियोजन पक्ष का दावा है कि इस पोस्ट से राज्य की सुरक्षा को खतरा था। यह मामला तुर्की में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और राजनीतिक विरोध पर बढ़ते दबाव को दर्शाता है। इस फैसले से मानवाधिकार संगठनों में चिंता पैदा हो गई है।