हाल ही में, 5 फरवरी को, मंत्रिपरिषद (Cdm) ने सुरक्षा क़ानून को मंज़ूरी दी है। इस क़ानून में एक ऐसा प्रावधान भी शामिल है जिसे “दंड सुरक्षा कवच” के रूप में जाना जाता है। यह प्रावधान कानून प्रवर्तन एजेंसियों को कुछ परिस्थितियों में कानूनी सुरक्षा प्रदान करता है। इस क़ानून के तहत, पुलिस अधिकारियों को उनके कर्तव्यों का पालन करते समय की गई कुछ कार्रवाइयों के लिए दंड से बचाया जा सकता है। यह क़ानून, पुलिस के अधिकारों और जवाबदेही के बीच संतुलन बनाने का प्रयास करता है। आलोचकों का कहना है कि इससे पुलिस की मनमानी बढ़ सकती है, जबकि समर्थकों का कहना है कि यह अधिकारियों को प्रभावी ढंग से काम करने में मदद करेगा। इस क़ानून का उद्देश्य पुलिस अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा उन्हें अधिक आत्मविश्वास के साथ कार्य करने हेतु प्रोत्साहित करना है।