गाज़ा पट्टी में नासर अस्पताल पर हमले की एक साल की बरसी पर, एक इजरायली सैन्य अधिकारी ने 'ले मोंडे' सहित कई मीडिया को बताया कि कैसे इजरायली सेना किसी भी तरह से हमले के पीड़ितों को हमास से जोड़ने का प्रयास कर रही है। इस प्रक्रिया में 'पश्चात दोषारोपण' रणनीति का उपयोग किया जा रहा है, जहाँ पीड़ितों पर बाद में हमास से संबंध रखने का आरोप लगाया जाता है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि इजराइल सूचना को नियंत्रित करने के लिए सेंसरशिप का उपयोग कर रहा है। इसके अतिरिक्त, इजराइल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का उपयोग जानकारी में हेरफेर करने और अपनी रणनीति को आगे बढ़ाने के लिए कर रहा है। यह खुलासा इजराइल द्वारा सूचना युद्ध लड़ने और संघर्ष को अपने पक्ष में मोड़ने के प्रयासों पर प्रकाश डालता है। यह मामला गाज़ा में पत्रकारों और नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं भी उठाता है। इस रणनीति का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इजराइल की छवि को बेहतर बनाना और हमास को बदनाम करना है।

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