इजरायली मंत्री इतमार बेन-गविर ने हाल ही में एक वीडियो जारी किया है जिसमें वह उन फ़लस्तीनी कैदियों के लिए बनाई गई फांसी की जगह दिखा रहे हैं जिन्हें सैन्य अदालतों द्वारा आतंकवाद के आरोपों में दोषी ठहराया गया है। यह घटना, प्रधानमंत्री बेंजामिन नेत्यान्हू के नेतृत्व वाली सरकार में हुई है, और उस नए कानून के बाद आई है जो मौत की सज़ा को मंजूरी देता है। हालांकि, यह कानून केवल फ़लस्तीनी आतंकवादियों पर लागू होगा, यहूदी चरमपंथियों पर नहीं। मंत्री ने पहले "रात में दर्जनों लक्षित हत्याएं" करने का आह्वान किया था, जिससे विवाद बढ़ गया है। यह कदम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचना का विषय बन सकता है और इस्राइल-फिलिस्तीन संघर्ष में तनाव को और बढ़ा सकता है। आलोचकों का कहना है कि यह कार्रवाई न्याय प्रणाली के प्रति विश्वास को कमजोर करती है और मानवाधिकारों का उल्लंघन है। इस पूरे मामले ने इजरायली राजनीति में एक नई बहस शुरू कर दी है।