राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान ने ईरान के शहीद नेता के झंडे को गिरने न देने की कसम खाई है। उन्होंने कहा कि ईरानी जनता अपने दुख और दृढ़ संकल्प के माध्यम से यह साबित करेगी कि जिस कारण के लिए उनके शहीद नेता ने अपना जीवन बलिदान किया, वह जीवित रहेगा। यह बयान हाल ही में हुई दुखद घटना के बाद आया है, जिसने पूरे देश में शोक की लहर दौड़ाई है। पेज़ेशकियान ने राष्ट्र को एकजुट रहने और शहीद नेता के आदर्शों को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान अपने सिद्धांतों पर अडिग रहेगा और किसी भी खतरे का सामना करने के लिए तैयार है। यह कसम देश में राष्ट्रवाद और प्रतिरोध की भावना को मजबूत करने के लिए है। राष्ट्रपति ने शहीद नेता के बलिदान को व्यर्थ नहीं जाने देने की प्रतिज्ञा की।