तेहरान में हालिया रिपोर्ट के अनुसार, 28 फरवरी को अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर थोपे गए युद्ध के दौरान ईरानी जनता का प्रतिरोध सबसे महत्वपूर्ण शक्ति साबित हुआ। यह प्रतिरोध भावना ईरानी लोगों की दृढ़ता और साहस का प्रतीक है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस भावना ने ईरान को बाहरी आक्रमण का सामना करने में सक्षम बनाया। विशेषज्ञों का मानना है कि ईरानी जनता की यह जिजीविषा देश की सुरक्षा और संप्रभुता के लिए महत्वपूर्ण है। यह प्रतिरोध न केवल सैन्य मोर्चे पर, बल्कि सामाजिक और आर्थिक क्षेत्रों में भी दिखाई दिया। ईरान सरकार ने इस भावना को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए हैं, जिससे राष्ट्रीय एकता मजबूत हुई है। यह घटनाक्रम क्षेत्रीय भू-राजनीति में ईरान की भूमिका को भी उजागर करता है।
