अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते को लेकर ईरान के कट्टरपंथी गुटों में असंतोष बढ़ रहा है। पूर्व राष्ट्रपति इब्राहिम रायसी के बहनोई और राजानीউজ के प्रबंध निदेशक मेईसाम नीली ने इस संभावित समझौते को ‘विनाशकारी आत्मसमर्पण’ करार दिया है। नीली का यह बयान कट्टरपंथियों की ओर से समझौते को लेकर व्यक्त की गई शुरुआती प्रतिक्रियाओं में से एक है। यह समझौता ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर प्रतिबंधों को हटाने और बदले में ईरान द्वारा अपनी परमाणु गतिविधियों को सीमित करने पर केंद्रित है। कट्टरपंथी गुटों का मानना है कि यह समझौता ईरान की संप्रभुता के लिए खतरा है और देश को अमेरिका के प्रभाव में ला सकता है। इस असंतोष के कारण समझौते को अंतिम रूप देने में और चुनौतियां आ सकती हैं। फिलहाल, ईरान की सरकार ने इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।