स्विट्जरलैंड में ईरान और अमेरिका के बीच शब्दों की जंग जारी थी, जबकि लॉस एंजिल्स में ईरानी फुटबॉल टीम का मुकाबला बेल्जियम से था। खेल जगत में अक्सर यह कहा जाता है कि फुटबॉल को राजनीति से दूर रखना चाहिए। हालांकि, इस मैच के दौरान ईरानी गोलकीपर द्वारा किए गए एक अद्भुत बचाव ने सबका ध्यान खींचा। इस खेल घटना को जल्द ही ईरान के मुख्य वार्ताकार ने अपने राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करना शुरू कर दिया। गोलकीपर के इस प्रदर्शन को एक प्रतीकात्मक जीत के रूप में पेश किया गया। इस तरह, मैदान पर हुआ एक शानदार बचाव अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रोपेगेंडा का जरिया बन गया। यह घटना दिखाती है कि कैसे खेल के पलों को राजनीतिक संदेश देने के लिए मोड़ा जा सकता है।
