ईरान के प्रथम उपराष्ट्रपति, मोहम्मद रेजा अरेफ ने चेतावनी दी है कि दुश्मन सैन्य विफलताओं की भरपाई के लिए ईरान पर आर्थिक दबाव बना रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस्लामिक गणराज्य “आर्थिक युद्ध” को भी उसी तरह पार कर लेगा जैसे उसने सैन्य मोर्चे पर विजय प्राप्त की थी। उनका मानना है कि ईरान अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत करके और बाहरी दबावों का सामना करके इस चुनौती से निपट सकता है। यह बयान ईरान के प्रति पश्चिमी देशों के बढ़ते आर्थिक प्रतिबंधों के बीच आया है। उपराष्ट्रपति ने देश की जनता और सरकार से एकजुट रहने और आर्थिक चुनौतियों का डटकर सामना करने का आह्वान किया है। उनका यह बयान ईरान की दृढ़ता और आत्मनिर्भरता का संदेश देता है।

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