ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने एक बयान में कहा है कि हर्मुज़ जलडमरूमध्य की ओर बढ़ते हुए किसी भी जहाज़ को शत्रु के साथ सहयोग करने वाला माना जाएगा। यह चेतावनी क्षेत्र में तनाव की स्थिति में दी गई है। आईआरजीसी ने इस संबंध में कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया है कि 'शत्रु' से उनका क्या तात्पर्य है, लेकिन यह बयान पश्चिमी देशों और इजराइल के प्रति संकेत हो सकता है। हर्मुज़ जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। इस घोषणा से जहाज़ों के आवागमन और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार पर असर पड़ने की आशंका है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह ईरान द्वारा क्षेत्र में अपनी शक्ति का प्रदर्शन करने और दबाव बनाने का प्रयास है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, अंतर्राष्ट्रीय समुदाय इस मामले पर बारीकी से निगरानी रख रहा है।