हाल ही में बेरूत में इजराइल के हमले के बाद, ईरान ने अमेरिका की प्रतिबद्धता पर सवाल उठाए हैं। तेहरान के मुख्य वार्ताकार ने संकेत दिया है कि अमेरिका-ईरान समझौते पर हस्ताक्षर होने की स्थिति के करीब पहुंचने के बावजूद, अमेरिका की विश्वसनीयता संदिग्ध है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पहले दावा किया था कि समझौता एक घंटे में हो सकता है, लेकिन ईरान अब इस बात पर संदेह व्यक्त कर रहा है कि अमेरिका वास्तव में समझौते को पूरा कर पाएगा या नहीं। यह घटनाक्रम समझौते की नाजुक स्थिति को दर्शाता है और दोनों देशों के बीच अविश्वास के माहौल को उजागर करता है। ईरान का कहना है कि इजराइल का हमला समझौते की प्रक्रिया को बाधित करने का प्रयास हो सकता है। इस स्थिति के कारण, समझौते की भविष्य की दिशा अनिश्चित बनी हुई है।