सूत्रों के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच समझौता होने पर हज़बल्लाह को ईरान से बड़ी मात्रा में धन मिलने की उम्मीद है। हालांकि, एक अमेरिकी अधिकारी का कहना है कि आतंकवादी समूह को मिलने वाली किसी भी धनराशि को जारी नहीं किया जाएगा। विश्लेषकों का मानना है कि इस समझौते का हज़बल्लाह को राजनीतिक लाभ होगा और उसकी प्रतिरोधक छवि मजबूत होगी। यह सहायता हज़बल्लाह को क्षेत्र में अपनी गतिविधियों को बढ़ाने में मदद कर सकती है। वर्तमान में, हज़बल्लाह लेबनान और सीरिया में सक्रिय है और इजराइल के लिए एक प्रमुख चुनौती बना हुआ है। इस समझौते के परिणाम क्षेत्रीय स्थिरता पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकते हैं। यह समझौता हज़बल्लाह के प्रभाव को और बढ़ा सकता है, जिससे क्षेत्र में तनाव बढ़ सकता है।