अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते की घोषणा के बावजूद, विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता अभी भी शुरुआती चरण में है। ईरानी पक्ष की कार्यशैली को देखते हुए, 60 दिनों की समय-सीमा को पर्याप्त नहीं माना जा रहा है। यह घोषणा मुख्य रूप से आगामी जी7 शिखर सम्मेलन के लिए की गई प्रतीत होती है। ईरान अक्सर वार्ताओं को लंबा खींचने की रणनीति अपनाता है, इसलिए समझौते की राह में कई चुनौतियां अभी भी मौजूद हैं। फिलहाल, यह कहना मुश्किल है कि 60 दिनों के भीतर कोई ठोस परिणाम निकल पाएगा या नहीं। इस समझौते का भविष्य अनिश्चित बना हुआ है और इस पर लगातार नजर रखी जा रही है।
