ईरान के साथ हुए समझौते के बाद पहली बार सऊदी अरब के तीन तेल टैंकर, जिनमें लगभग 6 मिलियन बैरल कच्चा तेल था, गुरुवार को होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरे। यह आवाजाही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा युद्ध समाप्त करने के समझौते पर हस्ताक्षर करने के कुछ घंटे बाद हुई, जिसने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को बाधित कर दिया था। हालांकि, लेबनान में इस समझौते को लेकर संदेह बना हुआ है, क्योंकि इस दौरान इजरायली हमलों की खबरें आ रही हैं। ये हमले समझौते की स्थिरता पर प्रश्नचिन्ह खड़े कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा सकता है। फिलहाल, तेल की कीमतों पर इस घटना का क्या असर होगा, यह देखने वाली बात है। यह समझौता वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।