ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने इराक में गुप्त ठिकाने स्थापित किए हैं, जिनका उद्देश्य खाड़ी देशों पर हमले करना है, ऐसा सूत्रों का कहना है। ये ठिकाने नए इराकी प्रधानमंत्री के लिए एक चुनौती पेश करते हैं, जो वाशिंगटन और तेहरान के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रहे हैं। माना जा रहा है कि ईरान समर्थक अन्य स्थानीय गुटों द्वारा हथियार छोड़ने की तैयारी के बाद यह कदम उठाया गया है। इस कदम से क्षेत्र में तनाव बढ़ने की आशंका है। इराकी सरकार इस स्थिति से निपटने के लिए संघर्ष कर सकती है, क्योंकि उसे ईरान के साथ अपने संबंधों और क्षेत्रीय स्थिरता की रक्षा करने के बीच संतुलन बनाना होगा। खुफिया सूत्रों के अनुसार, ये सेल विशेष रूप से खाड़ी देशों को निशाना बनाने के लिए बनाए गए हैं। इस घटनाक्रम से इराक की आंतरिक सुरक्षा और क्षेत्रीय राजनीति पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।