ईरान ने अमेरिका पर इस्लामाबाद समझौता का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है, जिससे संवाद का आधार नष्ट हो गया है। तेहरान का कहना है कि यह एक साल में अमेरिका द्वारा की गई कूटनीति की तीसरी बड़ी तोड़फोड़ है। ईरान ने इसे एक “स्पष्ट और गंभीर उल्लंघन” बताया है। इस समझौते का उद्देश्य देशों के बीच समझ बनाए रखना था, लेकिन अमेरिका के इस कदम से दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ने की आशंका है। ईरान का मानना है कि अमेरिका लगातार आक्रामक रवैया अपना रहा है और कूटनीति को कमजोर कर रहा है। इस घटना से आगे की बातचीत की संभावनाओं पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। ईरान ने अमेरिका के इस व्यवहार को निंदा की है।