अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और अन्य 18 देशों ने ईरान पर अपने क्षेत्र में विरोधियों, पत्रकारों और यहूदी समुदायों के खिलाफ हत्या के प्रयासों, हमलों और डराने-धमकाने की गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया है। इन देशों ने एक संयुक्त बयान जारी कर ईरान से तत्काल इन गतिविधियों को रोकने का आह्वान किया है। बयान में ईरान की इन हरकतों को अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया गया है। यह आरोप ईरान में मानवाधिकारों की स्थिति और क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर बढ़ते तनाव के बीच आए हैं। देशों ने ईरान से अपने नागरिकों और समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। इस संयुक्त कार्रवाई से ईरान पर अंतर्राष्ट्रीय दबाव बढ़ने की संभावना है। बयान में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि ईरान की ये गतिविधियां अस्वीकार्य हैं और इनके लिए जवाबदेही तय की जाएगी।