चेक गणराज्य में हाल के दशकों में गैर-देशी मशरूम और ओomycetes की संख्या में वृद्धि देखी गई है, जो जंगलों और कृषि फसलों दोनों को नुकसान पहुंचाते हैं। वैज्ञानिकों ने देश में इन जीवों की एक व्यापक सूची तैयार की है। यह वृद्धि अंतरराष्ट्रीय व्यापार के माध्यम से जीवित पौधों और वनस्पति सामग्री के अनजाने आयात के कारण हुई है। अनुसंधान संस्थान फॉर लैंडस्केप (VÚK) के अनुसार, इन आक्रामक प्रजातियों से जंगलों के स्वास्थ्य और कृषि उत्पादन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। यह स्थिति पर्यावरण और अर्थव्यवस्था दोनों के लिए चिंता का विषय है। वैज्ञानिक इस समस्या से निपटने के लिए आगे के अनुसंधान और संभावित नियंत्रण उपायों का सुझाव दे रहे हैं।