केंद्रीय सांख्यिकी ब्यूरो (CBS) की एक नई रिपोर्ट के अनुसार, 2022 में नए एकीकरण कानून लागू होने के बाद भी शरणार्थियों के एकीकरण की प्रक्रिया में सुधार नहीं दिख रहा है। रिपोर्ट में पाया गया है कि कई शरणार्थियों का एकीकरण अभी भी अटक रहा है। यह कानून एकीकरण प्रक्रिया को सुचारू बनाने के उद्देश्य से लाया गया था, लेकिन अभी तक इसके सकारात्मक परिणाम स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं दे रहे हैं। वीवीडी (VVD) पार्टी की सांसद बेंटे बेकर ने इस मुद्दे पर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि शरणार्थियों को पहले दिन से ही वित्तीय सहायता मिलने के बजाय, रोजगार पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। रिपोर्ट से पता चलता है कि एकीकरण प्रक्रिया में अभी भी कई बाधाएं हैं जिन्हें दूर करने की आवश्यकता है। सरकार इस स्थिति को सुधारने के लिए अतिरिक्त कदम उठाने पर विचार कर सकती है।
