इंडोनेशिया के दूरस्थ, सीमावर्ती और पिछड़े (3T) क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता और सुविधाओं में भारी असमानता देखी गई है। भौगोलिक और सामाजिक-आर्थिक चुनौतियों के कारण इन क्षेत्रों के विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं का अभाव है, जबकि शहरी क्षेत्रों के विद्यालयों में बेहतर संसाधन उपलब्ध हैं। यह असमानता छात्रों के सीखने के परिणामों और भविष्य के अवसरों पर नकारात्मक प्रभाव डालती है। सरकार इस अंतर को कम करने के लिए कई कार्यक्रम चला रही है, लेकिन अभी भी बहुत कुछ किया जाना बाकी है। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि शिक्षकों की भर्ती और प्रशिक्षण, बुनियादी ढांचे का विकास, और स्थानीय समुदायों की भागीदारी इस समस्या के समाधान के लिए महत्वपूर्ण हैं। इस मुद्दे पर ध्यान केंद्रित करना समावेशी और न्यायसंगत शिक्षा प्रणाली सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है। यह असमानता इंडोनेशिया के विकास में एक बड़ी बाधा है।