इंडोनेशिया के केंद्रीय सांख्यिकी ब्यूरो (बीपीएस) के उप प्रमुख सोनी हरमादी ने स्पष्ट किया है कि 2026 की आर्थिक जनगणना का उद्देश्य कर निर्धारण नहीं है। यह जनगणना देश में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) की विस्तृत जानकारी एकत्र करने के लिए आयोजित की जाएगी। इस डेटा का उपयोग व्यावसायिक गतिविधियों की सटीक तस्वीर प्राप्त करने और नीति निर्माण में सहायता के लिए किया जाएगा। हरमादी ने जोर देकर कहा कि जनगणना का उद्देश्य व्यवसायों को दंडित करना नहीं, बल्कि उन्हें समर्थन देना है। एकत्रित जानकारी का उपयोग एमएसएमई के विकास को बढ़ावा देने और आर्थिक नीतियों को बेहतर बनाने के लिए किया जाएगा। बीपीएस ने सभी व्यवसायों से जनगणना में सहयोग करने का आग्रह किया है ताकि सटीक और विश्वसनीय डेटा प्राप्त किया जा सके। यह जनगणना इंडोनेशिया की अर्थव्यवस्था को समझने और मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
