इंडोनेशिया में, एका युलियांती सूर्यंतो नाम की एक सहायिका को अपने नियोक्ता की बीमार माँ से परेशान होने के कारण जेल की सजा सुनाई गई है। वह अपनी नींद में खलल डालने के लिए क्रोधित थी। अपनी निराशा में, उसने वृद्धा पर एक बोतल फेंक दी, जिससे उसके चेहरे पर चोट लग गई। इसके बाद, उसने अपने नियोक्ता से चोरी भी की। अदालत ने इस अपराध के लिए उसे दोषी पाया और उसे जेल भेजने का आदेश दिया। यह घटना इंडोनेशिया में घरेलू सहायकों और उनके नियोक्ताओं के बीच संबंधों से जुड़े मुद्दों पर प्रकाश डालती है। इस मामले ने घरेलू सहायकों के अधिकारों और कल्याण के महत्व पर भी जोर दिया है।