इंडोनेशिया को सी-130 हरक्यूलिस विमानों के लिए प्रस्तावित रखरखाव, मरम्मत और ओवरहॉल (एमआरओ) केंद्र पर पूर्ण नियंत्रण बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। यह केंद्र कर्ताजाती अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर स्थापित किया जाना है। विशेषज्ञों का मानना है कि इंडोनेशिया के लिए इस हब पर पूर्ण नियंत्रण रखना रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। इससे देश की रक्षा क्षमताओं में वृद्धि होगी और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा। यह केंद्र न केवल इंडोनेशियाई वायुसेना के विमानों की सेवा करेगा, बल्कि क्षेत्रीय सहयोगियों के लिए भी एक महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है। सरकार इस परियोजना को राष्ट्रीय हित में देखते हुए, विदेशी हस्तक्षेप से बचने के लिए प्रतिबद्ध है। इस हब के विकास से स्थानीय रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे और तकनीकी विशेषज्ञता का विकास होगा।
