इंडोनेशिया अभी भी 'छिपे हुए भुखमरी' की समस्या से जूझ रहा है, जहाँ लोगों को पर्याप्त कैलोरी तो मिलती है, लेकिन आवश्यक सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी होती है। इस समस्या से निपटने के लिए, सरकार अब वाणिज्यिक बाजारों में पोषक तत्वों से भरपूर चावल (fortified rice) की उपलब्धता बढ़ा रही है। यह चावल आयरन, जिंक और अन्य महत्वपूर्ण विटामिनों से समृद्ध होता है। इस पहल का उद्देश्य व्यापक स्तर पर पोषण की कमी को दूर करना है। सरकार का मानना है कि यह कदम सार्वजनिक स्वास्थ्य में सुधार लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। फिलहाल, यह कार्यक्रम विशेष रूप से कमजोर आबादी पर केंद्रित है, लेकिन अब इसे आम जनता तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। इस कदम से देश में कुपोषण की समस्या को कम करने में मदद मिलेगी।