इंडोनेशिया की धार्मिक मंत्रालय (केमेनैग) ने देश में श्रवण और वाक् विकलांगता वाले मुस्लिम समुदाय के लिए धार्मिक शिक्षा को सुलभ बनाने हेतु एक पहल शुरू की है। इस कार्यक्रम के तहत, ‘इस्लामी संकेतों की शब्दावली’ का मानकीकरण किया जा रहा है। इसका उद्देश्य है कि मूक-बधिर मुसलमान भी अपनी धार्मिक मान्यताओं और प्रथाओं को समझ सकें। यह पहल विकलांग लोगों के लिए सकारात्मक कार्रवाई का हिस्सा है, जिसका नाम ‘इस्लामी संकेतों की शब्दावली’ रखा गया है। सरकार का यह कदम धार्मिक जानकारी तक समान पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। इस शब्दावली में धार्मिक अवधारणाओं और नियमों को संकेतों की भाषा में समझाया जाएगा। इससे मूक-बधिर समुदाय को धार्मिक ज्ञान प्राप्त करने और अपनी आस्था का पालन करने में मदद मिलेगी।
