दिल्ली से मुंबई तक भारत के विभिन्न राज्यों में ‘ककरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी) के आंदोलन को दबाने के लिए मुंबई पुलिस ने अभूतपूर्व और विवादास्पद रणनीति अपनाई है। छात्रों और युवाओं के जारी विरोध प्रदर्शनों को रोकने के लिए पुलिस अब केवल सड़कों पर लाठीचार्ज या अश्रु गैस का इस्तेमाल नहीं कर रही है। बल्कि, कानून-व्यवस्था बनाए रखने वाली एजेंसियां सीधे युवाओं के घरों में जाकर उन्हें डरा रही हैं। साथ ही, व्हाट्सएप के माध्यम से उनकी लाइव लोकेशन मांगी जा रही है। इस कार्रवाई से निजता के अधिकारों को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। आलोचकों का कहना है कि यह दमनकारी रणनीति है और विरोध की आवाज को दबाने का प्रयास है। पुलिस का कहना है कि यह कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक है।