भारत में हाल ही में युवा प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई तेज़ हो गई है। इन प्रदर्शनकारियों पर प्रधानमंत्री मोदी का ‘अपमान’ करने का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने कई मामलों में शिकायतें दर्ज की हैं और सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक सामग्री हटाई गई है। प्रदर्शनकारियों को ऑनलाइन उत्पीड़न और दुर्व्यवहार का भी सामना करना पड़ रहा है। आलोचकों का कहना है कि यह कार्रवाई अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाने का प्रयास है। सरकार का कहना है कि उसने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कदम उठाए हैं। इस कार्रवाई से मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और विपक्षी दलों ने चिंता व्यक्त की है।