हेग स्थित एक अंतरराष्ट्रीय न्यायाधिकरण ने सोमवार को भारत को पाकिस्तान के साथ सिंधु और अन्य नदियों के जल बंटवारे की संधि के तहत अपने दायित्वों का पालन करने का आदेश दिया। भारत सरकार इस संधि को निलंबित करना चाहती थी। न्यायाधिकरण ने स्पष्ट रूप से कहा है कि भारत को संधि के प्रावधानों का सम्मान करना होगा। यह फैसला भारत के लिए एक झटका है, जो सीमा पार आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान पर कई बार जल संधि का उपयोग करने से इनकार कर चुका है। यह संधि 1960 में हुई थी और दोनों देशों के बीच जल संसाधनों के उचित वितरण को सुनिश्चित करती है। इस फैसले के बाद, भारत और पाकिस्तान के बीच जल संबंधी मामलों में तनाव बढ़ने की संभावना है। न्यायाधिकरण का यह आदेश दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह जल सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता को प्रभावित करता है।

English
Français
Español
हिन्दी
中文