दूसरे जिले के उप-महापौर के अनुसार, ऑर्सी गेर्गेली, जो वर्तमान में जेल में हैं, को अभी भी स्थानीय सरकार की नीतिगत सामग्री प्राप्त होगी। उन्हें अपने स्वयं के प्रस्ताव भी लिखने की अनुमति दी जाएगी। उप-महापौर का कहना है कि उनका बॉस, ऑर्सी गेर्गेली, स्थानीय सरकार के निर्णयों के लिए जिम्मेदार बने रहेंगे, भले ही वह जेल में हों। यह स्थिति स्थानीय राजनीति में एक असामान्य स्थिति पैदा करती है, जहां एक निर्वाचित अधिकारी जेल से अपना पद जारी रखता है। इस निर्णय से स्थानीय स्तर पर बहस छिड़ गई है, कुछ लोग इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया का सम्मान बताते हैं, जबकि अन्य इसे अनुचित मानते हैं। ऑर्सी गेर्गेली पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं, जिसके कारण उन्हें जेल में रखा गया है। आगे की कानूनी कार्यवाही जारी है।