खाद्य सुरक्षा एजेंसी ने आयातित दूध की निगरानी व्यवस्था में बदलाव किया है। अब सीमावर्ती चौकियों की बजाय, दूध की जाँच गंतव्य स्थल पर की जाएगी। यह बदलाव आयातित दूध की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया गया है। एजेंसी का यह कदम दूध की आपूर्ति श्रृंखला में पारदर्शिता लाने और उपभोक्ताओं को सुरक्षित उत्पाद उपलब्ध कराने पर केंद्रित है। विशेष रूप से, कच्चे दूध के लिए यह व्यवस्था लागू की गई है। इस नए नियम से आयातकों को दूध की गुणवत्ता बनाए रखने और नियमों का पालन करने के लिए अधिक जवाबदेह बनाया जाएगा। एजेंसी ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह बदलाव दूध की आपूर्ति को बाधित नहीं करेगा, बल्कि इसे और अधिक सुरक्षित बनाएगा।