रूस के विदेश मंत्रालय ने अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) पर गंभीर भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के आरोप लगाए हैं। मंत्रालय के कानूनी विभाग के निदेशक, मैक्सिम मुसिखिन के अनुसार, न्यायालय की कार्यवाही के लिए सदस्य देशों द्वारा स्वैच्छिक योगदान, वास्तव में रिश्वत के समान है। उनका कहना है कि यह प्रणाली न्यायालय की निष्पक्षता पर प्रश्नचिह्न लगाती है। रूस का आरोप है कि न्यायालय वित्तीय रूप से उन देशों पर निर्भर है जो अपनी राजनीतिक इच्छाशक्ति के अनुसार कार्यवाही को प्रभावित कर सकते हैं। यह आरोप ICC की स्वतंत्रता और विश्वसनीयता को लेकर चिंताएं बढ़ाते हैं। मुसिखिन ने इस फंडिंग मॉडल को ‘अपमानजनक’ बताया है और न्यायालय की पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं। इस मामले में अभी तक ICC की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
