चुनाव के बाद से ‘संप्रभुता रक्षा कार्यालय’ (Szuverenitásvédelmi Hivatal) की गतिविधियों पर रहस्य छाया हुआ है। यह कार्यालय, जिस पर प्रति वर्ष 6.2 बिलियन फ़ोरिंट (हंगरी की मुद्रा) का सार्वजनिक धन खर्च होता है, अपनी वेबसाइट और अन्य माध्यमों पर कोई नया विश्लेषण, पॉडकास्ट या समाचार जारी नहीं कर रहा है। कार्यालय के 120 कर्मचारी क्या कर रहे हैं, इस बारे में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है। यह स्थिति पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर सवाल खड़े करती है। आलोचकों का कहना है कि यह कार्यालय अनावश्यक है और इसका उपयोग राजनीतिक उद्देश्यों के लिए किया जा रहा है। सरकार ने अभी तक इस मामले पर कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया है। इस कार्यालय की स्थापना का उद्देश्य हंगरी की संप्रभुता की रक्षा करना बताया गया था, लेकिन इसकी वास्तविक भूमिका और प्रभाव अस्पष्ट बना हुआ है।