पिछले कुछ वर्षों में, भारत में ग्रिलिंग की लोकप्रियता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। अब घर के आँगन, छत और शहरी बालकनियों में भी चारकोल ग्रिल, कामाडो और स्मोकर जैसे उपकरण आम हो गए हैं। यह रुझान दर्शाता है कि लोग अब घर पर ही स्वादिष्ट भोजन बनाने और खाने में अधिक रुचि ले रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव जीवनशैली में बदलाव और भोजन के प्रति बढ़ती जागरूकता के कारण है। ग्रिलिंग अब केवल एक खाना पकाने की विधि नहीं है, बल्कि एक सामाजिक गतिविधि भी बन गई है, जहाँ लोग दोस्तों और परिवार के साथ समय बिताते हैं। बाजार में विभिन्न प्रकार के ग्रिलिंग उपकरण उपलब्ध हैं, जो इस बढ़ती मांग को पूरा कर रहे हैं। यह चलन भारतीय खाद्य संस्कृति में एक नया आयाम जोड़ रहा है।
