हंगरी, बुडापेस्ट-बेलग्रेड रेलवे परियोजना पर पुनर्विचार कर रहा है, जिससे परियोजना के पीछे के उद्देश्यों पर सवाल उठ रहे हैं। यह रेलवे लाइन चीन और अमेरिका के बीच भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा का केंद्र बन गई है। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि इस परियोजना में शामिल होने का मुख्य कारण भू-राजनीतिक हित थे, न कि आर्थिक लाभ। रेलवे के निर्माण में देरी और लागत में वृद्धि ने हंगरी को चिंता में डाल दिया है। परियोजना की व्यवहार्यता और लाभप्रदता पर भी संदेह जताया जा रहा है। यह रेलवे लाइन चीन के बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य यूरोप और एशिया के बीच व्यापार और कनेक्टिविटी को बढ़ाना है। अब सवाल यह है कि क्या हंगरी को इस परियोजना में शामिल होने का पछतावा हो रहा है।