हंगरी के प्रधानमंत्री ने घोषणा की है कि देश एक नई भ्रष्टाचार-रोधी संस्था स्थापित करेगा। उनका दावा है कि यह संस्था यूरोप की सबसे मजबूत और पूरी तरह से स्वतंत्र होगी। इस संस्था का उद्देश्य भ्रष्टाचार से प्रभावी ढंग से लड़ना और पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि यह संस्था सरकार से किसी भी राजनीतिक हस्तक्षेप के बिना काम करेगी। इस कदम को हंगरी में जवाबदेही और कानून के शासन को मजबूत करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। यह संस्था यूरोपीय संघ के मानकों को पूरा करने और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने के लिए भी काम करेगी। आलोचकों का कहना है कि इस संस्था की स्वतंत्रता और प्रभावशीलता को देखना होगा।