हंगरी सरकार ने ईंधन की कीमतों पर लगे नियंत्रण को समाप्त करने का निर्णय लिया है। यह कदम मार्च में ईरान पर हुए हमले के बाद लगाया गया था। सरकार का मानना है कि अब कीमतों पर नियंत्रण बनाए रखने की आवश्यकता नहीं है। इस फैसले से पेट्रोल पंपों पर होने वाले संभावित विरोध प्रदर्शनों का प्रभाव कम हो सकता है। ईंधन की कीमतों पर नियंत्रण हटाने से बाजार में कीमतों में वृद्धि होने की संभावना है। सरकार का कहना है कि यह निर्णय बाजार को स्थिर करने और ईंधन की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है। इस नीति परिवर्तन से आम उपभोक्ताओं पर आर्थिक प्रभाव पड़ सकता है।
