हंगरी के रेलवे (MÁV) को ऑस्ट्रिया से कोच किराये पर लेने पड़े, क्योंकि घरेलू मरम्मत डिपो दिवालिया हो गया। परिवहन मंत्री के अनुसार, पर्याप्त संख्या में वातानुकूलित कोच उपलब्ध हैं, लेकिन वे सभी मरम्मत डिपो में हैं। यह डिपो, जिसे ऑर्बन सरकार ने रूसी और अन्य संबद्ध समूहों को निजी हाथों में सौंप दिया था, अब दिवालिया हो चुका है। इस स्थिति के कारण MÁV को ऑस्ट्रिया से कोच किराये पर लेने के लिए मजबूर होना पड़ा। विपक्ष का कहना है कि निजीकरण के कारण यह समस्या उत्पन्न हुई है। सरकार पर आरोप लग रहा है कि उसने जानबूझकर घरेलू डिपो को कमजोर किया। इस मामले ने हंगरी में राजनीतिक बहस छेड़ दी है।
