हंगरी के विदेश मंत्री स्ज़िज्जाटरो के कार्यकाल वाले मंत्रालय पर महामारी के दौरान की गई ३०० अरब फोरिंट की खरीद में अनियमितताओं के आरोप में आपराधिक मामला दर्ज किया गया है। यह मामला महामारी के दौरान चिकित्सा उपकरणों और सेवाओं की खरीद से संबंधित है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि खरीद प्रक्रिया में भ्रष्टाचार हुआ और सार्वजनिक धन का दुरुपयोग किया गया। जांचकर्ता अब दस्तावेजों और गवाहों के बयानों की समीक्षा कर रहे हैं ताकि यह निर्धारित किया जा सके कि क्या कोई आपराधिक गतिविधि हुई थी। यदि आरोप सही साबित होते हैं, तो इसमें शामिल अधिकारियों को कड़ी सजा का सामना करना पड़ सकता है। इस मामले से हंगरी की राजनीति में हलचल मच गई है और सरकार पर पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने का दबाव बढ़ गया है। विपक्ष ने मामले की गहन जांच की मांग की है।