हंगरी की सत्तारूढ़ पार्टी फ़िडेज़ ने एक विवादास्पद मामले में, पूर्व कम्युनिस्ट शासन के दौरान दिए गए एक फैसले को गलत ठहराया है। यह मामला १९५६ की हंगेरियन क्रांति के बाद हुई घटनाओं से जुड़ा है, जहाँ कई लोगों को देशद्रोह के आरोप में दोषी ठहराया गया था। फ़िडेज़ ने अब बाका नामक व्यक्ति को, उस समय के फैसले के लिए दोषी माना है, हालाँकि यह स्पष्ट नहीं है कि वास्तविक दोष क्या है। यह कदम हंगरी में ऐतिहासिक पुनर्विचारवाद और राजनीतिक प्रतिशोध की बहस को जन्म दे रहा है। आलोचकों का कहना है कि फ़िडेज़ अतीत को फिर से लिखने और अपने राजनीतिक उद्देश्यों के लिए इसका इस्तेमाल करने की कोशिश कर रही है। इस घटना से हंगरी की न्याय प्रणाली और ऐतिहासिक स्मृति पर सवाल उठ रहे हैं। फ़िडेज़ का यह निर्णय देश में राजनीतिक तनाव को और बढ़ा सकता है।