ग्रामीण अस्पताल को बंद करने के फैसले के खिलाफ आज जोरदार प्रदर्शन हुआ। स्वास्थ्य विभाग (HSE) ने पहले कर्मचारियों को टेक्स्ट मैसेज के ज़रिए अस्पताल बंद करने की जानकारी दी थी, जिससे कर्मचारियों में भारी नाराज़गी थी। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह तरीका असंवेदनशील और अपमानजनक था। विभाग ने अब इस फैसले पर पुनर्विचार करने और अस्पताल को बंद करने की प्रक्रिया को रोकने के लिए सहमति जताई है, लेकिन प्रदर्शन जारी रहा। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि अस्पताल को पूरी तरह से चालू रखा जाए और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल बंद होने से स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर असर पड़ेगा। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।
