ईरान और अमेरिका के बीच हुए अस्थायी समझौते के बाद शुक्रवार को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के खुलने से मध्य पूर्व में फंसे तेल की आपूर्ति में भारी वृद्धि होने की संभावना है। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि इससे वैश्विक तेल बाजारों पर दबाव बढ़ सकता है। इस महीने संयुक्त अरब अमीरात और ओमान के तट पर जहाजों के बीच तेल बदलने की प्रक्रिया से मध्य पूर्व के तेल की स्पॉट कीमतों में पहले ही गिरावट आई है और वे छूट पर आ गई हैं। समझौते के बाद तेल की आपूर्ति बढ़ने से कीमतों में और गिरावट आ सकती है। खाड़ी देशों के उत्पादकों ने शिप-टू-शिप ट्रांसफ़र के माध्यम से निर्यात में वृद्धि की है, जिससे बाजार में तेल की भरमार हो गई है। यह स्थिति तेल की कीमतों को और कम कर सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह समझौता तेल बाजार की गतिशीलता को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित कर सकता है।