हांगकांग के उच्च न्यायालय के जज विल्सन चान पर एक बार फिर साहित्यिक चोरी का आरोप लगा है, जो पिछले तीन वर्षों में तीसरा मामला है। एक मामले की सुनवाई के दौरान, वादी ने चान पर प्रतिवादी के शुरुआती और समापन तर्कों की प्रतिलिपि बनाने का आरोप लगाया। आरोप है कि फैसले में लगभग 95 प्रतिशत अंश प्रतिवादी के तर्कों से सीधे लिए गए थे। इससे पहले भी जज चान पर साहित्यिक चोरी के आरोप लग चुके हैं और उन्हें फटकार लगाई जा चुकी है। इस घटना से हांगकांग की न्यायपालिका की निष्पक्षता और विश्वसनीयता पर सवाल उठने लगे हैं। यह मामला न्यायिक आचरण और निर्णयों की मूलनिष्ठा के प्रति चिंता बढ़ाता है। इस मामले की आगे जांच की जा रही है और इस पर कानूनी कार्यवाही शुरू हो सकती है।