मेक्सिको में पिछले 25 वर्षों से फुटबॉल मैचों के दौरान विपक्षी गोलकीपर के किक लेने पर “पुतो” (Puto) नामक एक अपमानजनक नारा लगाया जाता रहा है। इस नारे को अब आधिकारिक तौर पर समलैंगिक-विरोधी माना गया है और यह मेक्सिको फुटबॉल महासंघ के लिए एक बड़ी समस्या बन गया है। यह नारा मैच के माहौल को खराब करता है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की छवि को नकारात्मक रूप से प्रभावित करता है। फीफा (FIFA) ने इस व्यवहार को रोकने के लिए मेक्सिको पर दबाव डाला है, लेकिन प्रशंसकों द्वारा इसे पूरी तरह से रोकना मुश्किल साबित हो रहा है। महासंघ इस समस्या से निपटने के लिए विभिन्न उपायों पर विचार कर रहा है, जिसमें प्रशंसकों को शिक्षित करना और सख्त दंड लगाना शामिल है। इस नारे के कारण मेक्सिको की राष्ट्रीय टीम की प्रतिष्ठा दांव पर है और विश्व कप 2026 से पहले इस मुद्दे का समाधान करना आवश्यक है। यह घटना खेल में भेदभाव और पूर्वाग्रह के मुद्दे को भी उजागर करती है।