मई के अंत में उल्लेंसाकर में एक गंभीर खतरे की झूठी सूचना के कारण पुलिस ने बड़ा अभियान चलाया। पुलिस का मानना है कि यह जानबूझकर की गई शरारत थी। इस झूठी कॉल के बाद, पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इलाके को घेर लिया और व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया। इस घटना के कारण स्थानीय निवासियों में भय का माहौल था। जांच के बाद, यह स्पष्ट हो गया कि कॉल में दी गई जानकारी गलत थी और कोई वास्तविक खतरा नहीं था। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और शरारत करने वाले व्यक्ति की तलाश जारी है। इस घटना ने आपातकालीन सेवाओं पर झूठी सूचना देने के परिणामों पर प्रकाश डाला है।