पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच हालिया अस्थायी समझौते को कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कतर की पहल से यह समझौता संभव हो पाया, जिसके लिए पाकिस्तानी मध्यस्थों ने कई हफ़्तों तक लगातार बातचीत और मसौदा तैयार किया। सूत्रों के अनुसार, इस समझौते को अंतिम रूप देना और स्थायी बनाना अधिक कठिन होगा। इस्लामाबाद में हुई इस प्रक्रिया में देर रात तक फोन कॉल और विभिन्न प्रस्तावों पर विचार-विमर्श शामिल था। यह समझौता दोनों देशों के बीच तनाव कम करने की दिशा में एक प्रारंभिक कदम है, लेकिन अभी कई जटिल मुद्दे बाकी हैं जिनका समाधान करना आवश्यक है। विशेषज्ञों का मानना है कि स्थायी समझौते के लिए दोनों पक्षों को महत्वपूर्ण रियायतें देनी होंगी। यह समझौता क्षेत्रीय स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
